Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.34.16: हे योगेश्वर, हे महापुरुष, हे भक्तों के स्वामी, मैं आपकी शरण में हूँ। हे परमेश्वर, हे ब्रह्माण्ड के देवताओं के देवता, जैसा आप चाहेंगे वैसा ही मुझे आदेश दीजिए। | bhagavat अध्याय 10.34: नन्द महाराज की रक्षा तथा शंखचूड़ का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रपन्नोऽस्मि महायोगिन् महापुरुष सत्पते ।
अनुजानीहि मां देव सर्वलोकेश्वरेश्वर ॥ १६ ॥
अनुवाद
हे योगेश्वर, हे महापुरुष, हे भक्तों के स्वामी, मैं आपकी शरण में हूँ। हे परमेश्वर, हे ब्रह्माण्ड के देवताओं के देवता, जैसा आप चाहेंगे वैसा ही मुझे आदेश दीजिए।
O Yogeshwara, O great man, O Lord of devotees, I surrender to You. O Supreme Lord, O Lord of the gods of the universe, command me as You please.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥