Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.33.9: एक गोपी ने भगवान् मुकुन्द के गाने के साथ गाया और उसके स्वर मुकुन्द के स्वर से भी ऊँचे थे। वो बहुत मधुर और तालबद्ध स्वर थे। कृष्ण उसके गायन से अति प्रसन्न हुए और बोले, “बहुत अच्छा! बहुत अच्छा!” इसके पश्चात् एक और गोपी ने वही राग दोहराया। हालांकि, उसने एक विशेष मीटर ढांचे में दोहराया। उसका गायन भी बहुत अच्छा था। कृष्ण ने उसकी भी प्रशंसा की। | bhagavat अध्याय 10.33: रास नृत्य । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एक गोपी ने भगवान् मुकुन्द के गाने के साथ गाया और उसके स्वर मुकुन्द के स्वर से भी ऊँचे थे। वो बहुत मधुर और तालबद्ध स्वर थे। कृष्ण उसके गायन से अति प्रसन्न हुए और बोले, “बहुत अच्छा! बहुत अच्छा!” इसके पश्चात् एक और गोपी ने वही राग दोहराया। हालांकि, उसने एक विशेष मीटर ढांचे में दोहराया। उसका गायन भी बहुत अच्छा था। कृष्ण ने उसकी भी प्रशंसा की।
A gopi sang a pure melodious raga along with Lord Mukunda's song which was even higher than Krishna's voice. Krishna was pleased with this and praised her saying, "Very good, very good." Then another gopi sang the same raga but in a special meter of Dhrupad. Krishna praised her too.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥