Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.33.5: जब गोपियाँ रासनृत्य के मण्डल में अपने प्रियतम कृष्ण के साथ विहर रही थीं तो उनके कंगनों, पायलों और कमर के घुंघरूओं से जोरदार आवाजें आती थीं। | bhagavat अध्याय 10.33: रास नृत्य । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वलयानां नूपुराणां किङ्किणीनां च योषिताम् ।
सप्रियाणामभूच्छब्दस्तुमुलो रासमण्डले ॥ ५ ॥
अनुवाद
जब गोपियाँ रासनृत्य के मण्डल में अपने प्रियतम कृष्ण के साथ विहर रही थीं तो उनके कंगनों, पायलों और कमर के घुंघरूओं से जोरदार आवाजें आती थीं।
When the Gopis danced with their beloved Krishna in the Raasnritya circle, a tumultuous sound arose from the bells of their bracelets, anklets and girdles.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥