जो व्यक्ति महान संयम वाला नहीं है, उसे कभी भी मन से भी शासन करने वाले महान व्यक्तियों की नकल नहीं करनी चाहिए। यदि कोई साधारण व्यक्ति मूर्खतावश ऐसे आचरण की नकल करता है, तो वह ठीक उसी तरह नष्ट हो जाएगा जैसे ज़हर के समुद्र को पीने का प्रयास करने वाला रुद्र नहीं नष्ट हो जाता है।
One who is not a great self-restrainer should never copy, even in his mind, the conduct of the great ruling men. If an ordinary person foolishly copies such conduct, he will perish like a person who tries to drink an ocean of poison. If he is not a Rudra, he will perish.
तात्पर्य
भगवान शिव या रुद्र ने एक बार जहर का सागर पी लिया था, और उसका नतीजा यह हुआ कि उनके गले पर एक आकर्षक नीला निशान पड़ गया। पर अगर हम ऐसे जहर की एक बूंद भी पी लें, तो हम तुरंत मर जाएँगे। जिस तरह हमें शिव के इस लीला को नहीं अपनाना चाहिए, उसी तरह हमें भगवान कृष्ण के गोपियों के साथ की गतिविधियों का भी अनुकरण नहीं करना चाहिए। हमें स्पष्ट रूप से समझना चाहिए कि भगवान कृष्ण निश्चित रूप से धार्मिक सिद्धांतों को प्रदर्शित करने के लिए अवतरित होते हैं, वह यह भी प्रदर्शित करने के लिए भी अवतरित होते हैं कि वह भगवान हैं और हम नहीं। यह भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए। प्रभु अपनी अंतर्निहित शक्ति का आनंद लेते हैं और इस प्रकार हमें आध्यात्मिक मंच की ओर आकर्षित करते हैं। हमें कृष्ण की नकल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, नहीं तो हमें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥