Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.32.9: जब सभी गोपियों ने अपने प्रिय केशव को फिर से देखा, तो उन्हें अत्यधिक खुशी का अनुभव हुआ। उन्होंने अपने विरह-दुख को त्याग दिया, जैसे कि सामान्य लोग आध्यात्मिक रूप से प्रबुद्ध व्यक्ति से मिलकर अपने दुखों को भूल जाते हैं। | bhagavat अध्याय 10.32: पुन: मिलाप । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब सभी गोपियों ने अपने प्रिय केशव को फिर से देखा, तो उन्हें अत्यधिक खुशी का अनुभव हुआ। उन्होंने अपने विरह-दुख को त्याग दिया, जैसे कि सामान्य लोग आध्यात्मिक रूप से प्रबुद्ध व्यक्ति से मिलकर अपने दुखों को भूल जाते हैं।
All the gopis felt supreme joy when they saw their beloved Keshav again. They forgot their sorrows of separation just as ordinary people forget their sorrows on finding the company of a spiritually enlightened person.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥