हे अश्वत्थ वृक्ष, हे प्लक्ष, हे न्यग्रोध, क्या तुमने कृष्ण को देखा है? वह नन्द महाराज का पुत्र हैं जो अपनी प्यारी मुस्कान और नज़रों से हमारे मन चुराकर ले गया हैं।
[The gopis said:] O Ashvattha tree, O Plaksh, O Nyagrodha, have you seen Krishna? That son of Nanda has stolen our hearts with his loving smile and glances and has gone away.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥