एवं कृष्णं पृच्छमाना गण्दावनलतास्तरून् ।
व्यचक्षत वनोद्देशे पदानि परमात्मन: ॥ २४ ॥
अनुवाद
जब गोपियाँ कृष्ण की लीलाओं की नकल कर उतार रही थीं और वृन्दावन की लताओं तथा वृक्षों से पूछ रही थीं कि भगवान् कृष्ण कहाँ हो सकते हैं, तब उन्हें जंगल के एक कोने में उनके पदचिन्ह दिख गये।
While the gopis were thus imitating Krishna's pastimes and asking the creepers and trees of Vrindavan where Lord Krishna might be, they saw His footprints in a corner of the forest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥