Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.30.18: जब एक गोपी ने बिल्कुल वैसा ही अनुकरण किया जैसा कि कृष्ण दूर विचरण करती गायों को बुलाते थे, वे किस तरह बाँसुरी बजाते थे और वे किस तरह अलग-अलग खेलों में लग जाते थे, तो दूसरी गोपियाँ "बहुत अच्छा! बहुत अच्छा!" चिल्लाकर उसकी सराहना की। | bhagavat अध्याय 10.30: गोपियों द्वारा कृष्ण की खोज । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब एक गोपी ने बिल्कुल वैसा ही अनुकरण किया जैसा कि कृष्ण दूर विचरण करती गायों को बुलाते थे, वे किस तरह बाँसुरी बजाते थे और वे किस तरह अलग-अलग खेलों में लग जाते थे, तो दूसरी गोपियाँ "बहुत अच्छा! बहुत अच्छा!" चिल्लाकर उसकी सराहना की।
When a gopi perfectly imitated how Krishna called the wandering cows, how He played the flute and how He engaged in various games, the others congratulated her by shouting very good, very good (wah wah).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥