श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 30: गोपियों द्वारा कृष्ण की खोज  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  10.30.17 
कृष्णरामायिते द्वे तु गोपायन्त्यश्च काश्चन ।
वत्सायतीं हन्ति चान्या तत्रैका तु बकायतीम् ॥ १७ ॥
 
 
अनुवाद
कई अन्य गोपियों के बीच दो गोपियाँ राम और कृष्ण बनीं, जो ग्वालबालों की भूमिका निभा रही थीं। एक गोपी ने कृष्ण द्वारा राक्षस वत्सासुर के वध की नकल की, जिसमें दूसरी गोपी वत्सासुर बनी थी। गोपियों के एक जोड़े ने बकासुर-वध का अभिनय किया।
 
Two gopis became Rama and Krishna among all the other gopis who were playing the role of cowherd boys. One gopi imitated the killing of the demon Vatsasura by Krishna with the other gopi playing the role of Vatsasura. A pair of gopis enacted the killing of Bakasur.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)