श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 3: कृष्ण जन्म  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  10.3.44 
एतद् वां दर्शितं रूपं प्राग्जन्मस्मरणाय मे ।
नान्यथा मद्भ‍वं ज्ञानं मर्त्यलिङ्गेन जायते ॥ ४४ ॥
 
 
अनुवाद
मैंने तुम्हें विष्णु का यह रूप मात्र अपने पिछले जन्मों की याद दिलाने के लिए दिखाया है। नहीं तो, यदि मैं एक साधारण मनुष्य बालक के समान प्रकट होता, तो तुम्हें विश्वास नहीं हो पाता कि भगवान विष्णु वास्तव में प्रकट हुए हैं।
 
I have shown you this Vishnu-form only to remind you of my previous births. Otherwise if I had appeared like an ordinary child, you would not have believed that Lord Vishnu has actually appeared.
तात्पर्य
देवकी को यह स्मरण कराने की आवश्यकता नहीं थी कि भगवान विष्णु, भगवान का परम व्यक्तित्व, उनके पुत्र के रूप में प्रकट हुए थे; उन्होंने इसे पहले ही स्वीकार कर लिया था। फिर भी, वह चिंतित थीं, यह सोचकर कि यदि उनके पड़ोसियों ने सुना कि विष्णु उनके पुत्र के रूप में प्रकट हुए हैं, तो उनमें से कोई भी इस पर विश्वास नहीं करेगा। इसलिए वह चाहती थीं कि भगवान विष्णु स्वयं को एक मानव बच्चे में बदल लें। दूसरी ओर, भगवान भी चिंतित थे, यह सोचकर कि यदि वह एक साधारण बच्चे के रूप में प्रकट हुए, तो वह विश्वास नहीं करेंगी कि भगवान विष्णु प्रकट हुए हैं। भक्तों और भगवान के बीच ऐसा ही व्यवहार होता है। प्रभु अपने भक्तों से ठीक वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसे कोई मनुष्य करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भगवान मनुष्यों में से एक हैं, क्योंकि यह अवैष्णवों का निष्कर्ष है (अवजानंति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम्)। भक्त किसी भी परिस्थिति में भगवान के परम व्यक्तित्व को जानते हैं। यही भक्त और अवैष्णव में अंतर है। प्रभु कहते हैं, मन-मना भव मद्-भक्तो मद्-याजी माँ नमस्कुरु: "अपने मन को हमेशा मेरे बारे में सोचने में व्यस्त रखो, मेरे भक्त बनो, नमस्कार करो और मेरी पूजा करो।" एक अवैष्णव विश्वास नहीं कर सकता कि केवल एक व्यक्ति के बारे में सोचकर, कोई इस भौतिक दुनिया से मुक्ति प्राप्त कर सकता है और घर वापस, भगवान के पास जा सकता है। लेकिन यह एक तथ्य है। भगवान एक इंसान के रूप में आते हैं, और यदि कोई प्रेम भक्ति के स्तर पर भगवान से जुड़ जाता है, तो उसकी आध्यात्मिक दुनिया में पदोन्नति निश्चित है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)