चूँकि मुझे सरलता और चरित्र के अन्य अच्छे गुणों में तुम जैसा श्रेष्ठ कोई नहीं मिला, अतः मैं पृश्नि गृभ के रूप में इस संसार में प्रकट हुआ, जिसकी प्रसिद्धि पृश्नि से जन्म लेने के कारण हुई।
Since I did not find anyone else as superior as you in simplicity and other qualities of modesty, therefore I was born in the form of Prishni-garbha.
तात्पर्य
त्रेतायुग में भगवान पृश्निगर्भ के रूप में प्रकट हुए। श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर कहते हैं, पृश्निगर्भ इति सो यं त्रेता-युगावतार लक्ष्य्यते।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥