ता वार्यमाणा: पतिभि: पितृभिर्भ्रातृबन्धुभि: ।
गोविन्दापहृतात्मानो न न्यवर्तन्त मोहिता: ॥ ८ ॥
अनुवाद
उनके पति-पिता, भाई और अन्य संबंधियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कृष्ण पहले ही उनके दिलों को चुरा चुके थे। उनकी बाँसुरी की धुन से वह मोहित हो गई थीं इसलिए पीछे नहीं लौटीं।
Their husbands, fathers, brothers and other relatives tried to stop them but Krishna had already stolen their hearts. Captivated by the sound of his flute, they refused to return.
तात्पर्य
कुछ युवतियाँ विवाहित थीं और उनके पति उन्हें रोकने की कोशिश करते थे | अविवाहित लड़कियों को अपने मामा, भाई और अन्य रिश्तेदारों को चकमा देना पड़ता था | सामान्य तौर पर इनमें से कोई भी रिश्तेदार किसी भी युवती को रात में जंगल में अकेले नहीं जाने देते थे, लेकिन भगवान कृष्ण पहले से ही अपनी आंतरिक शक्ति में शामिल थे, और इस तरह पूरा रोमांटिक प्रकरण बिना किसी हस्तक्षेप के सामने आया |
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥