जो लक्ष्मी जी की अनुकम्पा और कृपा की दृष्टि के लिए देवतागण महान प्रयास करते हैं उन्हें भगवान नारायण की छाती पर सदा विराजमान रहने का अनोखा स्थान प्राप्त है। फिर भी वे उनके चरणों की धूल पाने की इच्छुक रहती हैं यद्पि उस धूल में तुलसी जी और प्रभु के अनेक अन्य सेवक भागीदार होते हैं। इसी तरह हम भी आपकी शरण में आकर आपके चरण-कमलों की धूल ग्रहण करना चाहते हैं।
Lakshmi, for whose grace the gods strive hard, has the unique position of always residing on the chest of Lord Narayana. Still she is desirous of receiving the dust of His feet, although she has to share this dust with Tulsi Devi and many other servants of the Lord. Similarly, we have also come to seek the dust of Your feet to seek refuge.
तात्पर्य
यहां पर गोपियाँ बताती हैं कि भगवान के चरणों की धूल इतनी आनंददायक और जीवनदायक है कि भाग्य की देवी अपनी विशिष्ट स्थिति को भगवान के सीने पर छोड़कर उस धूल को प्राप्त करने के लिए अन्य भक्तों के साथ पैरों पर आना चाहती है। इसलिए गोपियाँ भगवान कृष्ण से आग्रह करती हैं कि वह दोहरे मानदंडों के दोषी न बनें। चूँकि भगवान ने भाग्य की देवी को अपने सीने पर स्थान दिया और उसे अपने कमल चरणों की धूल की तलाश करने की भी अनुमति दी, इसलिए कृष्ण को निश्चित रूप से अपने सबसे प्यारे भक्तों, गोपियों को भी वही अवसर देना चाहिए। गोपियों विनती करती हैं, "आख़िरकार, आपके कमल चरणों की धूल की तलाश करना बिल्कुल उचित है, और आपको हमें इस प्रयास में प्रोत्साहित करना चाहिए और हमें दूर भेजने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥