भर्तु: शुश्रूषणं स्त्रीणां परो धर्मो ह्यमायया ।
तद्बन्धूनां च कल्याण: प्रजानां चानुपोषणम् ॥ २४ ॥
अनुवाद
स्त्री का सबसे बड़ा धार्मिक कर्तव्य है कि वो अपने पति की निष्ठा से सेवा करे, उसके परिवार के साथ अच्छा व्यवहार करे और अपने बच्चों की अच्छी देखभाल करे।
The ultimate duty of a woman is to serve her husband faithfully, behave well with her husband's family and take proper care of her children.
तात्पर्य
श्रील जीव गोस्वामी यहाँ चतुराई से इंगित करते हैं कि गोपियों के असली, शाश्वत पति भगवान कृष्ण हैं, न कि घर पर उनके तथाकथित पति, जो झूठे तौर पर गोपियों को अपनी संपत्ति मानते थे। इस प्रकार अमायाया शब्द का कठोर अर्थ, "भ्रम के बिना," यह बताता है कि गोपियों के लिए सर्वोच्च धार्मिक कर्तव्य अपने वास्तविक प्रेमी श्री कृष्ण की सेवा करना है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥