Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.27.24: तुम्बरु नारद और विद्याधरों, सिद्धों और चारणों सहित अन्य गंधर्व वहाँ भगवान हरि का यशगान करने आए थे, जो समस्त संसार को पवित्र करता है। हर्ष से भरी देवताओं की पत्नियाँ एक साथ प्रभु के सम्मान में नृत्य कर रही थीं। | bhagavat अध्याय 10.27: इन्द्रदेव तथा माता सुरभि द्वारा स्तुति । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्रागतास्तुम्बुरुनारदादयोगन्धर्वविद्याधरसिद्धचारणा: ।
जगुर्यशो लोकमलापहं हरे:सुराङ्गना: सन्ननृतुर्मुदान्विता: ॥ २४ ॥
अनुवाद
तुम्बरु नारद और विद्याधरों, सिद्धों और चारणों सहित अन्य गंधर्व वहाँ भगवान हरि का यशगान करने आए थे, जो समस्त संसार को पवित्र करता है। हर्ष से भरी देवताओं की पत्नियाँ एक साथ प्रभु के सम्मान में नृत्य कर रही थीं।
There Tumburu, Narada and other Gandharvas including Vidyadharas, Siddhas and Charanas came to sing the glories of Lord Hari, the purifier of the entire universe. And the wives of the demigods, filled with joy, danced together in honour of the Lord.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥