क्वचिद्धैयङ्गवस्तैन्ये मात्रा बद्ध उदूखले ।
गच्छन्नर्जुनयोर्मध्ये बाहुभ्यां तावपातयत् ॥ ७ ॥
अनुवाद
एक बार उनकी माँ ने उन्हें मक्खन चुराते हुए पकड़ लिया था, इसलिए उनकी माँ ने उन्हें रस्सियों से एक ऊखल से बाँध दिया था। तब वे अपने हाथों के बल रेंगते हुए उस ऊखल को दो अर्जुन वृक्षों के बीच खींच कर ले गए और उन वृक्षों को उखाड़ डाला।
Once his mother tied him with ropes to a mortar because she caught him stealing butter. Then he crawled on his hands and dragged the mortar between two Arjuna trees and uprooted those trees.
तात्पर्य
वह दो अर्जुन के पेड़ पुराने और घने थे, और वह थोड़े कृष्ण के आँगन के ऊपर स्थित थे। फिर भी, वे शरारती बालक द्वारा आसानी से खींच लिए गए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥