तस्मान्मच्छरणं गोष्ठं मन्नाथं मत्परिग्रहम् ।
गोपाये स्वात्मयोगेन सोऽयं मे व्रत आहित: ॥ १८ ॥
अनुवाद
इसलिए मुझे अपने भक्तों की रक्षा के लिए अपनी दिव्य शक्ति का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि मैं ही उनका सहारा हूँ, मैं ही उनका स्वामी हूँ और वे मेरे अपने परिवार के ही हैं। मैंने अपने भक्तों की रक्षा करने का संकल्प लिया है।
Therefore, I should protect the Gopa community with my divine power because I am their shelter, I am their master and they are my own family. I have taken a vow to protect my devotees.
तात्पर्य
मैक-चरणम शब्द न केवल यह संकेत करता है कि भगवान कृष्ण वृज-जन, वृंदावन के लोगों के लिए एकमात्र आश्रय थे, बल्कि यह भी कि भगवान कृष्ण ने उनके बीच अपना घर स्थापित किया था। श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर अनेकार्थ-वर्ग शब्दकोश से उद्धृत करते हैं, शरणम गृह-रक्षित्रोः: "शरणम शब्द घर या रक्षक दोनों का प्रतिनिधित्व कर सकता है।" वृंदावन के निवासियों ने कृष्ण को अपने प्रिय बच्चे, दोस्त, प्रेमी और स्वयं जीवन के रूप में अपनाया, और भगवान ने उनकी भावनाओं का प्रतिकार किया। इस प्रकार श्री कृष्ण इन भाग्यशाली लोगों के बीच रहते थे, उनके घरों और खेतों में घूमते थे; स्वाभाविक रूप से वह ऐसे अंतरंग भक्तों को सभी प्रकार के खतरे से बचाएंगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥