Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 10.25.12: भीषण वर्षा से हुई पीड़ा से काँपती हुई और अपने सिर और बछड़ों को अपने शरीर से ढकने की कोशिश करती हुई, गायें भगवान के चरण कमलों में पहुँच गईं।   |   bhagavat अध्याय 10.25: कृष्ण द्वारा गोवर्धन-धारण   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 25: कृष्ण द्वारा गोवर्धन-धारण  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  10.25.12 
शिर: सुतांश्च कायेन प्रच्छाद्यासारपीडिता: ।
वेपमाना भगवत: पादमूलमुपाययु: ॥ १२ ॥
 
 
अनुवाद
भीषण वर्षा से हुई पीड़ा से काँपती हुई और अपने सिर और बछड़ों को अपने शरीर से ढकने की कोशिश करती हुई, गायें भगवान के चरण कमलों में पहुँच गईं।
 
The cows, trembling with pain caused by the heavy rain and trying to cover their heads and their calves with their bodies, reached the Lord's lotus feet.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)