सृजन, पालन तथा विनाश के लिए जिम्मेदार, प्रकृति के तीन गुण हैं— सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण । विशेष रूप से, रजोगुण इस ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करता है और संभोग के द्वारा इसमें विविधता आती है।
The three gunas of nature—Satva, Rajo and Tamo—are the cause of creation, sustenance and destruction. In particular, Rajo guna creates this universe and through intercourse it becomes full of diversity.
तात्पर्य
यह संभावित आपत्ति को अनुमानित करते हुए कि गायों पर आधारित आजीविका निश्चित रूप से भगवान इंद्र पर निर्भर करती है, जो वर्षा प्रदान करते हैं, भगवान कृष्ण यहाँ अनीश्वरवादी सांख्य के रूप में ज्ञात अस्तित्व के एक यांत्रिक सिद्धांत का परिचय देते हैं। प्रकृति के स्पष्ट रूप से यांत्रिक कार्यों के लिए विशेष कारण बताने की प्रवृत्ति वास्तव में एक पुरानी प्रवृत्ति है। पाँच हजार साल पहले भगवान कृष्ण ने एक सिद्धांत का उल्लेख किया था जो मानव समाज में पहले से ही प्रसिद्ध था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥