गाश्चारयन्तावविदूर ओदनं
रामाच्युतौ वो लषतो बुभुक्षितौ ।
तयोर्द्विजा ओदनमर्थिनोर्यदि
श्रद्धा च वो यच्छत धर्मवित्तमा: ॥ ७ ॥
अनुवाद
भगवान राम और भगवान अच्युत यहाँ से कुछ दूर अपनी गायों को चरा रहे हैं। वे भूखे हैं और चाहते हैं कि आप उन्हें अपने खाने में से कुछ दे दें। अतः हे ब्राह्मणो, धर्म के ज्ञाताओं में श्रेष्ठ, यदि आपकी श्रद्धा है तो उनके लिए कुछ भोजन निकाल दें।
Lord Rama and Lord Achyuta are grazing their cows not far from here. They are hungry and want you to give them some food from your side. Therefore, O brahmanas, O best among those who know the Dharma, if you have faith, give them some food.
तात्पर्य
ग्वालों को ब्राह्मणों के उदार स्वभाव पर संदेह था, इसलिए उन्होंने भुभुक्षितौ शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका अर्थ है कि कृष्ण और बलराम भूखे हैं। ग्वाले ब्राह्मणों से वैदिक नियम अन्नास्य क्षुदितं पात्रम् को जानने की उम्मीद करते थे: "जो कोई भी भूखा है, वह दान में भोजन प्राप्त करने के लिए एक योग्य उम्मीदवार है।" लेकिन अगर ब्राह्मण कृष्ण और बलराम के अधिकार को नहीं पहचानते हैं, तो उनकी उपाधि द्विज का अर्थ केवल "दो माता-पिता से पैदा हुआ" (द्वि - दो से, जा - जन्म) माना जाएगा, न कि "द्विज", जिसका अर्थ है "दो बार जन्म लेने वाला"। जब ब्राह्मणों ने ग्वालों के शुरुआती अनुरोध का जवाब नहीं दिया, तो ग्वालों ने ब्राह्मणों को धर्म-वित-तमाः, "हे धर्म के सर्वश्रेष्ठ जानकारों" कहकर थोड़ा सा व्यंग्य किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥