Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.23.28: इसलिए तुम लोगों को यज्ञस्थल पर वापस लौट जाना चाहिए क्योंकि तुम्हारे पति विद्वान ब्राह्मण हैं और गृहस्थ हैं और उन्हें अपने-अपने यज्ञों को पूरा करने के लिए तुम्हारी सहायता की आवश्यकता है। | bhagavat अध्याय 10.23: ब्राह्मण-पत्नियों को आशीर्वाद । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तद् यात देवयजनं पतयो वो द्विजातय: ।
स्वसत्रं पारयिष्यन्ति युष्माभिर्गृहमेधिन: ॥ २८ ॥
अनुवाद
इसलिए तुम लोगों को यज्ञस्थल पर वापस लौट जाना चाहिए क्योंकि तुम्हारे पति विद्वान ब्राह्मण हैं और गृहस्थ हैं और उन्हें अपने-अपने यज्ञों को पूरा करने के लिए तुम्हारी सहायता की आवश्यकता है।
Therefore, you should return to the place of sacrifice, because your husbands, who are learned brahmanas, are householders and they need your cooperation in performing their respective sacrifices.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥