श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 23: ब्राह्मण-पत्नियों को आशीर्वाद  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  10.23.22 
श्यामं हिरण्यपरिधिं वनमाल्यबर्ह-
धातुप्रवालनटवेषमनुव्रतांसे ।
विन्यस्तहस्तमितरेण धुनानमब्जं
कर्णोत्पलालककपोलमुखाब्जहासम् ॥ २२ ॥
 
 
अनुवाद
उनका रंग गहरा नीला था और वस्त्र सुनहरे थे। उन्होंने मोर पंख, रंगीन खनिज, फूलों की कलियों का गुच्छा और वन फूलों और पत्तियों की माला धारण कर रखी थी। वो एक नाटक नर्तक की तरह दिख रहे थे। उन्होंने एक हाथ अपने मित्र के कंधे पर रखा था और दूसरे से कमल का फूल घुमा रहे थे। उनके कानों में कमल के फूल सजे हुए थे, बाल गालों पर लटक रहे थे और उनका कमल जैसा चेहरा मुस्कुरा रहा था।
 
He was dark in complexion and wore golden clothes. He was dressed like a dancer, wearing a garland of peacock feathers, coloured minerals, bunches of flower buds and forest flowers and leaves. He had one hand on his friend's shoulder and with the other he was twirling a lotus flower. His ears were adorned with lilies, his hair hung down on his cheeks and his lotus-like face was full of laughter.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)