श्रील प्रभुपाद इस प्रकार टिप्पणी करते हैं: "भारतीय लड़कियों और महिलाओं के बीच एक पुरानी प्रणाली है कि जब वे नदी में स्नान करती हैं तो वे अपने वस्त्र किनारे पर रखती हैं और पूरी तरह से नग्न होकर पानी में गोता लगाती हैं। नदी का वह भाग जहाँ लड़कियाँ और महिलाएँ स्नान करती थीं, किसी भी पुरुष के लिए सख्त वर्जित था, और अब भी यही प्रणाली है। भगवान का सर्वोच्च व्यक्तित्व, अविवाहित युवा गोपियों के मन को जानकर, उन्हें उनका वांछित उद्देश्य प्रदान किया। उन्होंने कृष्ण से अपने पति बनने की प्रार्थना की थी, और कृष्ण उनकी इच्छाओं को पूरा करना चाहते थे।"
