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bhagavat 10.22.11: मैंने इससे पहले कभी झूठ नहीं बोला है, और ये लड़के जानते हैं। इसलिए, हे सुंदर युवतियों, आगे आओ, या तो एक-एक करके या सभी एक साथ, और अपने कपड़े ले जाओ।   |   bhagavat अध्याय 10.22: कृष्ण द्वारा अविवाहिता गोपियों का चीरहरण   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 22: कृष्ण द्वारा अविवाहिता गोपियों का चीरहरण  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  10.22.11 
न मयोदितपूर्वं वा अनृतं तदिमे विदु: ।
एकैकश: प्रतीच्छध्वं सहैवेति सुमध्यमा: ॥ ११ ॥
 
 
अनुवाद
मैंने इससे पहले कभी झूठ नहीं बोला है, और ये लड़के जानते हैं। इसलिए, हे सुंदर युवतियों, आगे आओ, या तो एक-एक करके या सभी एक साथ, और अपने कपड़े ले जाओ।
 
I have never lied before and these children know it. Therefore, you thin-waisted girls, either come here one by one or all together and take away your clothes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)