Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.20.3: इसके बाद बरसात का मौसम शुरू हुआ, जिसने सभी जीवों को जीवन और पोषण दिया। आकाश गरजने लगा और क्षितिज पर बिजली चमकने लगी। | bhagavat अध्याय 10.20: वृन्दावन में वर्षा ऋतु तथा शरद् ऋतु । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: प्रावर्तत प्रावृट् सर्वसत्त्वसमुद्भवा ।
विद्योतमानपरिधिर्विस्फूर्जितनभस्तला ॥ ३ ॥
अनुवाद
इसके बाद बरसात का मौसम शुरू हुआ, जिसने सभी जीवों को जीवन और पोषण दिया। आकाश गरजने लगा और क्षितिज पर बिजली चमकने लगी।
After this, the rainy season started which gives life to all living beings. The sky started resonating with thunder and lightning started flashing on the horizon.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥