श्रीशुक उवाच
तयोस्तदद्भुतं कर्म दावाग्नेर्मोक्षमात्मन: ।
गोपा: स्त्रीभ्य: समाचख्यु: प्रलम्बवधमेव च ॥ १ ॥
अनुवाद
शुकदेव गोस्वामी ने कहा की तब ग्वालबालों ने वृंदावन की स्त्रीओं से कृष्ण और बलराम के अद्भुत कार्य को विस्तार से बताया कि किस तरह वो उन्हें जंगल में आग लगने और प्रलम्बासुर को मारने से बचाया।
Sukadeva Goswami said: Then the cowherd boys described in detail to the women of Vrindavan the wonderful deeds of Krishna and Balarama in saving them from the fire and killing Pralambasura.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥