श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 2: देवताओं द्वारा गर्भस्थ कृष्ण की स्तुति  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  10.2.13 
गर्भसङ्कर्षणात् तं वै प्राहु: सङ्कर्षणं भुवि ।
रामेति लोकरमणाद् बलभद्रं बलोच्छ्रयात् ॥ १३ ॥
 
 
अनुवाद
रोहिणी के गर्भ में देवकी के गर्भ से भेजे जाने के कारण रोहिणी का पुत्र संकर्षण के नाम से भी जाना जाएगा। वह गोकुल के सभी निवासियों को प्रसन्न रखने की क्षमता होने के कारण राम कहलाएगा और अपनी अपार शारीरिक शक्ति के कारण बलभद्र के नाम से प्रसिद्ध होगा।
 
रोहिणी के गर्भ में देवकी के गर्भ से भेजे जाने के कारण रोहिणी का पुत्र संकर्षण के नाम से भी जाना जाएगा। वह गोकुल के सभी निवासियों को प्रसन्न रखने की क्षमता होने के कारण राम कहलाएगा और अपनी अपार शारीरिक शक्ति के कारण बलभद्र के नाम से प्रसिद्ध होगा।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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