Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.19.3: गौवों को सामने न देखकर, कृष्ण, राम और उनके ग्वालमित्रों को तुरंत अपनी लापरवाही का पछतावा हुआ। उन्होंने चारों ओर ढूँढ़ा, लेकिन यह पता नहीं लगा पाए कि वे कहाँ चली गई हैं। | bhagavat अध्याय 10.19: दावानल पान । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेऽपश्यन्त: पशून् गोपा: कृष्णरामादयस्तदा ।
जातानुतापा न विदुर्विचिन्वन्तो गवां गतिम् ॥ ३ ॥
अनुवाद
गौवों को सामने न देखकर, कृष्ण, राम और उनके ग्वालमित्रों को तुरंत अपनी लापरवाही का पछतावा हुआ। उन्होंने चारों ओर ढूँढ़ा, लेकिन यह पता नहीं लगा पाए कि वे कहाँ चली गई हैं।
Not seeing the cows, Krishna, Rama and their cowherd friends suddenly regretted their carelessness. The children looked all around but could not find where they had gone.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥