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bhagavat 10.18.8: क्रीड़ा करने की इच्छा से भगवान कृष्ण, जो परम पूर्ण पुरुषोत्तम हैं, अपनी बाँसुरी बजाते हुए ग्वाल बाला और गायों से घिरे हुए भगवान बलराम के साथ वृंदावन के जंगल में प्रवेश किये।   |   bhagavat अध्याय 10.18: भगवान् बलराम द्वारा प्रलम्बासुर का वध   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 18: भगवान् बलराम द्वारा प्रलम्बासुर का वध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  10.18.8 
क्रीडिष्यमाणस्तन् कृष्णो भगवान् बलसंयुत: ।
वेणुं विरणयन् गोपैर्गोधनै: संवृतोऽविशत् ॥ ८ ॥
 
 
अनुवाद
क्रीड़ा करने की इच्छा से भगवान कृष्ण, जो परम पूर्ण पुरुषोत्तम हैं, अपनी बाँसुरी बजाते हुए ग्वाल बाला और गायों से घिरे हुए भगवान बलराम के साथ वृंदावन के जंगल में प्रवेश किये।
 
Desiring to play, the Supreme Personality of Godhead, Krishna, accompanied by Lord Balarama and cowherd boys, entered the forest of Vrindavana playing His flute.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)