श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 18: भगवान् बलराम द्वारा प्रलम्बासुर का वध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  10.18.16 
एवं तौ लोकसिद्धाभि: क्रीडाभिश्चेरतुर्वने ।
नद्यद्रिद्रोणिकुञ्जेषु काननेषु सर:सु च ॥ १६ ॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार से कृष्ण व बलराम वृन्दावन की नदियों, पर्वतों, घाटियों, कुंजों, वृक्षों व सरोवरों में विचरण करते हुए हर तरह के प्रसिद्ध खेल खेलते रहते।
 
In this way Kṛṣṇa and Balarāma kept roaming among the rivers, mountains, valleys, groves, trees and lakes of Vṛndāvana, playing all kinds of famous games.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)