श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 17: कालिय का इतिहास  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  10.17.23 
कृष्ण कृष्ण महाभाग हे रामामितविक्रम ।
एष घोरतमो वह्निस्तावकान् ग्रसते हि न: ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
हे कृष्ण, हे कृष्ण, हे समस्त वैभव के स्वामी, हे असीम शक्ति के स्वामी राम, यह अत्यन्त भयानक अग्नि हमें, आपके भक्तों को निगल ही जाएगी।
 
[The residents of Vrindavan said] O Krishna, O Krishna, O Lord of all splendors, O Rama, Lord of infinite power, this extremely terrible fire will surely engulf your devotees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)