Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.16.63: तुम गरुड़ की डर से रमणक द्वीप को छोड़कर इस सरोवर में छिपने के लिए आए थे। लेकिन अब चूंकि तुम्हारे ऊपर मेरे चरणों के निशान हैं, इसलिए गरुड़ अब कभी तुम्हें खाने की कोशिश नहीं करेगा। | bhagavat अध्याय 10.16: कृष्ण द्वारा कालिय नाग को प्रताडऩा । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम गरुड़ की डर से रमणक द्वीप को छोड़कर इस सरोवर में छिपने के लिए आए थे। लेकिन अब चूंकि तुम्हारे ऊपर मेरे चरणों के निशान हैं, इसलिए गरुड़ अब कभी तुम्हें खाने की कोशिश नहीं करेगा।
You left the Ramanak island out of fear of Garuda and came to this lake to take shelter. But now that my footprints are imprinted on you, Garuda will never try to eat you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥