Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.16.61: यदि कोई नश्वर प्राणी मेरे आदेश को ध्यानपूर्वक याद रखता है -- वृंदावन छोड़कर सागर में चले जाना -- और प्रातः और संध्या के समय इस कथा को सुनाता है, तो वह कभी भी तुमसे नहीं डरेगा। | bhagavat अध्याय 10.16: कृष्ण द्वारा कालिय नाग को प्रताडऩा । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई नश्वर प्राणी मेरे आदेश को ध्यानपूर्वक याद रखता है -- वृंदावन छोड़कर सागर में चले जाना -- और प्रातः और संध्या के समय इस कथा को सुनाता है, तो वह कभी भी तुमसे नहीं डरेगा।
If someone remembers this order given by me to you (to leave Vrindavan and go to the sea) and reads this story in the morning and evening, he will never be afraid of you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥