कालिय बार-बार दोमुही जीभ से अपने होठों को चाटता और विष भरी आँखों से कृष्ण को देखता। लेकिन कृष्ण उसकी परिक्रमा ऐसे ही कर रहे थे, जैसे गरुड़ सर्प से खेलता है। बदले में कालिय भी उनके साथ-साथ घूम रहा था और भगवान को काटने का मौका ढूँढ़ रहा था।
Kaliya kept licking his lips with his forked tongue and staring at Krishna with his eyes full of poisonous, fierce fire. But Krishna, as if in play, circled around him like Garuda toyed with a serpent. In response, Kaliya also circled around them, looking for an opportunity to bite the Lord.
तात्पर्य
प्रभु कृष्ण साँप के चारों ओर कुशलता से घूमते रहे जिससे कालिया को उन्हें डंसने का कोई अवसर नहीं मिला। इसलिए श्री कृष्ण की अलौकिक चपलता से साँप को पराजित किया गया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥