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श्रीराजोवाच
कथमन्तर्जलेऽगाधे न्यगृह्णाद् भगवानहिम् ।
स वै बहुयुगावासं यथासीद् विप्र कथ्यताम् ॥ २ ॥
अनुवाद
राजा परीक्षित ने प्रश्न किया: हे विद्वान मुनि, कृपया यह बताएँ कि भगवान ने यमुना के गहरे पानी में कालिय नाग को कैसे कष्ट दिया और वह कालिय इतने युगों से वहाँ कैसे रह रहा था?
King Parikshit asked: O learned sage, please tell me how the Lord tormented the serpent Kaliya in the deep waters of the Yamuna and how Kaliya had been living there for so many ages.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥