Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.15.7: हे पूजनीय भगवान, ये मोर खुशी में आपके सामने नाच रहे हैं। ये हिरणियाँ स्नेह भरी निगाहों से आपको प्रसन्न कर रही हैं, बिल्कुल गोपियों की तरह। और ये कोयलें वैदिक मंत्रों के द्वारा आपका सम्मान कर रही हैं। सचमुच जंगल के ये सभी निवासी बहुत भाग्यशाली हैं क्योंकि आप जैसे महापुरुष के आगमन पर उनका बर्ताव बिल्कुल वैसा ही है जैसे कोई महात्मा किसी दूसरे महात्मा के घर में स्वागत करता है। | bhagavat अध्याय 10.15: धेनुकासुर का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नृत्यन्त्यमी शिखिन ईड्य मुदा हरिण्य:
कुर्वन्ति गोप्य इव ते प्रियमीक्षणेन ।
सूक्तैश्च कोकिलगणा गृहमागताय
धन्या वनौकस इयान् हि सतां निसर्ग: ॥ ७ ॥
अनुवाद
हे पूजनीय भगवान, ये मोर खुशी में आपके सामने नाच रहे हैं। ये हिरणियाँ स्नेह भरी निगाहों से आपको प्रसन्न कर रही हैं, बिल्कुल गोपियों की तरह। और ये कोयलें वैदिक मंत्रों के द्वारा आपका सम्मान कर रही हैं। सचमुच जंगल के ये सभी निवासी बहुत भाग्यशाली हैं क्योंकि आप जैसे महापुरुष के आगमन पर उनका बर्ताव बिल्कुल वैसा ही है जैसे कोई महात्मा किसी दूसरे महात्मा के घर में स्वागत करता है।
O adorable Lord, these peacocks are dancing in joy before You, the deers are pleasing You like the gopis with their affectionate glances. These cuckoos are honoring You with Vedic hymns. All these inhabitants of the forest are extremely fortunate and their behavior towards You is like the welcome of a great soul to another great soul in his home.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥