Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 10.15.47: हे राजन! इस प्रकार भगवान श्री कृष्ण अपनी लीलाएँ करते हुए वृंदावन क्षेत्र में विचरण कर रहे थे। एक बार वे अपने सखाओं के साथ यमुना नदी के तट पर गए। उस समय बलराम उनके साथ नहीं थे।   |   bhagavat अध्याय 10.15: धेनुकासुर का वध   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 15: धेनुकासुर का वध  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  10.15.47 
एवं स भगवान् कृष्णो वृन्दावनचर: क्‍वचित् ।
ययौ राममृते राजन् कालिन्दीं सखिभिर्वृत: ॥ ४७ ॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! इस प्रकार भगवान श्री कृष्ण अपनी लीलाएँ करते हुए वृंदावन क्षेत्र में विचरण कर रहे थे। एक बार वे अपने सखाओं के साथ यमुना नदी के तट पर गए। उस समय बलराम उनके साथ नहीं थे।
 
O King, in this manner Lord Krishna used to roam around the Vrindavana region performing His pastimes. Once He went to the banks of the Yamuna river along with His friends. Balarama was not with Him then.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)