सर्वोच्च भगवान, श्री कृष्ण, रोमांटिक कौशल के सर्वोच्च स्वामी हैं, और इस प्रकार उन्होंने वृंदावन की युवा ग्वालबालों के साथ प्यार भरी भावनाओं का कुशलतापूर्वक आदान-प्रदान किया। जब एक पवित्र युवती प्रेम में होती है, तो वह अपने प्रिय को शर्म, उल्लास और समर्पण के साथ देखती है। जब प्रिय उसकी प्रेम भेंट को प्राप्त करके उसकी नज़र को स्वीकार करके संतुष्ट हो जाता है, तो प्रेमी युवती का दिल खुशी से भर जाता है। ये वही रोमांटिक आदान-प्रदान थे जो सुंदर युवा कृष्ण और वृंदावन की प्रेमी ग्वालबालों के बीच हो रहे थे।
