तत: कृष्णं च रामं च ज्ञातयो धेनुकस्य ये ।
क्रोष्टारोऽभ्यद्रवन् सर्वे संरब्धा हतबान्धवा: ॥ ३६ ॥
अनुवाद
धेनुकासुर के घनिष्ठ मित्र, अन्य गदर्भ असुर, उसकी मृत्यु देखकर बहुत क्रोधित हुए और वे सभी तुरंत कृष्ण और बलराम पर हमला करने के लिए दौड़े।
The other donkey demons, Dhenukaasur's close friends, became extremely enraged at seeing his death and immediately rushed to attack Krishna and Balarama.
तात्पर्य
श्रील सनातन गोस्वामी इस श्लोक पर निम्न टिप्पणी करते हैं: “यहां कहा गया है कि गधा राक्षसों ने पहले कृष्ण और फिर बलराम (कृष्णं च रामं च) पर हमला किया। इसका एक कारण यह है कि राक्षसों ने भगवान बलराम के पराक्रम को देखकर, पहले कृष्ण पर हमला करना बुद्धिमानी समझा। या यह हो सकता है कि अपने बड़े भाई के प्रति स्नेह के कारण, भगवान कृष्ण ने स्वयं को बलराम और गधा राक्षसों के बीच रखा। कृष्णं च रामं च शब्दों को यह भी समझा जा सकता है कि भगवान बलराम, अपने छोटे भाई के प्रति स्नेह के कारण, भगवान कृष्ण की ओर चले गए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥