फलानि तत्र भूरीणि पतन्ति पतितानि च ।
सन्ति किन्त्ववरुद्धानि धेनुकेन दुरात्मना ॥ २२ ॥
अनुवाद
उस तालवन के वृक्षों पर अनेक प्रकार के फल लगे हुए हैं और कई फल पहले से ही जमीन पर गिर चुके हैं। किंतु उन सभी फलों पर दुष्ट धेनुक पहरा दे रहा है।
In that taalvan, many fruits keep falling from the trees and many fruits are already lying on the ground. But all these fruits are being guarded by the evil Dhenuk.
तात्पर्य
दानव धेनुक तालवन के स्वादिष्ट पके हुए ताड़ के फलों को किसी को भी नहीं खाने देता था और कृष्ण के छोटे-छोटे प्रेमी इस जन वन के फलों का आनंद लेने के अधिकार के इस अन्यायपूर्ण हरण का विरोध करते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)