श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 15: धेनुकासुर का वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  10.15.21 
राम राम महाबाहो कृष्ण दुष्टनिबर्हण ।
इतोऽविदूरे सुमहद् वनं तालालिसङ्कुलम् ॥ २१ ॥
 
 
अनुवाद
[ग्वाले बोले] हे राम, हे महाबाहु, हे कृष्ण, हे दुष्टों का नाश करने वाले, यहाँ से थोड़ी ही दूरी पर एक बहुत बड़ा जंगल है जो ताड़ के पेड़ों की पंक्तियों से भरा हुआ है।
 
[The cowherd boys said]: O Rama, O mighty-armed, O Krishna, O destroyer of the wicked, at a short distance from here there is a very large forest, full of rows of palm trees.
तात्पर्य
श्री वराह पुराण में वर्णन किया गया है:

asti govardhanaṁ nāma

kṣetraṁ parama-durlabham

mathurā-paścime bhāge

adūrād yojana-dvayam

"मथुरा के पश्चिम तरफ़, दो योजन [सोलह मील] की दूरी पर, गोवर्धन नाम का पवित्र स्थान है, जो कि पाने में अति दुर्लभ है।" वराह पुराण में यह भी वर्णन किया गया है:

asti tāla-vanaṁ nāma

dhenakāsura-rakṣitam

mathurā-paścime bhāge

adūrād eka-yojanam

"मथुरा के पश्चिम तरफ़, एक योजन [आठ मील] की दूरी पर, तालवन नामक वन है, जिसकी रक्षा धेनुकासुर करता था।" इस प्रकार प्रतीत होता है कि तालवन वन, मथुरा और गोवर्धन पहाड़ी के बीच में स्थित है। तालवन वन का विवरण श्री हरिवंश में इस प्रकार दिया गया है:

sa tu deśaḥ samaḥ snigdhaḥ

su-mahān kṛṣṇa-mṛttikaḥ

darbha-prāyaḥ sthulī-bhūto

loṣṭra-pāṣāṇa-varjitaḥ

"वहाँ की भूमि समतल, मुलायम और अति विस्तृत है। मृदा काली है, जिस पर घास का घना आवरण है और उसमें पत्थर व कंकड़ नहीं हैं।"

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)