asti govardhanaṁ nāma
kṣetraṁ parama-durlabham
mathurā-paścime bhāge
adūrād yojana-dvayam
"मथुरा के पश्चिम तरफ़, दो योजन [सोलह मील] की दूरी पर, गोवर्धन नाम का पवित्र स्थान है, जो कि पाने में अति दुर्लभ है।" वराह पुराण में यह भी वर्णन किया गया है:
asti tāla-vanaṁ nāma
dhenakāsura-rakṣitam
mathurā-paścime bhāge
adūrād eka-yojanam
"मथुरा के पश्चिम तरफ़, एक योजन [आठ मील] की दूरी पर, तालवन नामक वन है, जिसकी रक्षा धेनुकासुर करता था।" इस प्रकार प्रतीत होता है कि तालवन वन, मथुरा और गोवर्धन पहाड़ी के बीच में स्थित है। तालवन वन का विवरण श्री हरिवंश में इस प्रकार दिया गया है:
sa tu deśaḥ samaḥ snigdhaḥ
su-mahān kṛṣṇa-mṛttikaḥ
darbha-prāyaḥ sthulī-bhūto
loṣṭra-pāṣāṇa-varjitaḥ
"वहाँ की भूमि समतल, मुलायम और अति विस्तृत है। मृदा काली है, जिस पर घास का घना आवरण है और उसमें पत्थर व कंकड़ नहीं हैं।"
