श्रीदामा नाम गोपालो रामकेशवयो: सखा ।
सुबलस्तोककृष्णाद्या गोपा: प्रेम्णेदमब्रुवन् ॥ २० ॥
अनुवाद
एक बार राम और कृष्ण के बहुत करीबी दोस्त श्रीदामा, सुबल, स्तोककृष्ण और अन्य ग्वाले बहुत प्यार से इस प्रकार बोले।
Once, Rama and Krishna's very close friends Sridama, Subala, Stotkakrishna and other cowherd boys spoke very lovingly like this.
तात्पर्य
प्रेम्णा का अर्थ "प्यार के साथ" होता है। यह दर्शाता है कि ग्वाल-बालक भगवान कृष्ण और बलराम के आगे जो प्रार्थना रखने जा रहे हैं, वह व्यक्तिगत कामना से प्रेरित नहीं है, बल्कि प्रेम से की गई है। ग्वाल-बालक कृष्ण और बलराम के दानवों को मारने के लीला-विनोद को देखने के लिए और तालवन के स्वादिष्ट फलों का आनंद लेने के लिए उत्सुक थे। इसलिए, उन्होंने निम्न प्रार्थना की।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥