ग्वाल बालों ने भगवान कृष्ण से कहा - "तुम इतनी जल्दी लौट आए! तुम्हारे बिना हमने एक निवाला तक नहीं खाया। आओ और बिना विघ्न-बाधा के अपना भोजन करो।"
The cowherd friends said to Lord Krishna, “You have come so early! We have not eaten a morsel in your absence. Come and eat your food well.”
तात्पर्य
'स्वागतं ते अति-रहसा' शब्द बताते हैं कि ग्वाल-बालकों ने भगवान कृष्ण की जय-जयकार की, क्योंकि वे बछड़ों को बहुत जल्दी जंगल से वापस ले आए। अब भगवान कृष्ण के प्रिय मित्रों ने उनसे विधिवत बैठकर दिल खोलकर भोजन करने का आग्रह किया। श्रील प्रभुपाद की पुस्तक कृष्णा, द सुप्रीम पर्सनैलिटी ऑफ गॉडहेड के अनुसार, ग्वाल-सखा बहुत हर्षित हुए और अपने प्रिय मित्र कृष्ण के साथ खाने के लिए उत्सुक थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥