Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.12.40: श्री सूत गोस्वामी ने कहा: हे विद्वान संतो, श्रीकृष्ण के बचपन की लीलाएँ बहुत ही अद्भुत हैं। महाराज परीक्षित अपनी माता के गर्भ में बचाने वाले कृष्ण की उन लीलाओं के विषय में सुन कर स्थिरचित्त हुए और उन्होंने शुकदेव गोस्वामी से फिर पूछा कि वे उन पुण्य लीलाओं को सुनाएँ। | bhagavat अध्याय 10.12: अघासुर का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री सूत गोस्वामी ने कहा: हे विद्वान संतो, श्रीकृष्ण के बचपन की लीलाएँ बहुत ही अद्भुत हैं। महाराज परीक्षित अपनी माता के गर्भ में बचाने वाले कृष्ण की उन लीलाओं के विषय में सुन कर स्थिरचित्त हुए और उन्होंने शुकदेव गोस्वामी से फिर पूछा कि वे उन पुण्य लीलाओं को सुनाएँ।
Sri Suta Goswami said: O learned saints, the childhood pastimes of Sri Krishna are very wonderful. Maharaja Parikshit became composed after hearing about those pastimes of Krishna who saved him in his mother's womb and he again asked Sukadeva Goswami to narrate those holy pastimes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥