श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 12: अघासुर का वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  10.12.3 
कृष्णवत्सैरसङ्ख्यातैर्यूथीकृत्य स्ववत्सकान् ।
चारयन्तोऽर्भलीलाभिर्विजह्रुस्तत्र तत्र ह ॥ ३ ॥
 
 
अनुवाद
कृष्ण, ग्वालबालों और उनके बछड़ों के समूह के साथ बाहर निकले तो वहाँ अनगिनत बछड़े एकत्र हो गए। तब सभी लड़कों ने जंगल में खूब मस्ती के साथ खेलना शुरू कर दिया।
 
When Krishna came out with the cowherd boys and their groups of calves, innumerable calves gathered. Then all the boys started playing in the forest with great joy.
तात्पर्य
इस श्लोक में कृष्ण-वत्सैर सङ्ख्यातैः शब्द महत्वपूर्ण है। असंख्यात शब्द का अर्थ है "असीमित"। कृष्ण के बछड़े असीमित थे। हम सैंकड़ों, हजारों, हजारों की तादाद में, लाखों, करोड़ों, अरबों, खरबों, हजारों खरबों आदि के बारे में बात कर सकते हैं, पर जब हम इतनी बड़ी संख्या के आगे बढ़ते हैं कि जिसे हम गिन-गिन कर नहीं बता सकते, तब हम असीमित संख्या की बात कर रहे होते हैं। ऐसी असीमित संख्या को यहाँ असंख्यातैः शब्द से बताया गया है। कृष्ण असीमित हैं, उनकी शक्ति असीमित है, उनकी गायें और बछड़े असीमित है, और उनका स्थान असीमित है। इसलिए भगवद गीता में उनको परब्रम्ह के रूप में समझाया गया है। ब्रम्ह शब्द का अर्थ है "असीमित" और कृष्ण सर्वोच्च असीमित, परब्रम्ह हैं। इसलिए हमें इस श्लोक के कथनों को पौराणिक नहीं समझना चाहिए। ये सत्य होते हुए भी अवधारण से परे हैं। कृष्ण असीमित संख्या में बछड़ों और असीमित स्थान को संभाल सकते हैं। यह ना तो पौराणिक है ना ही असत्य, लेकिन अगर हम कृष्ण की शक्ति का अध्ययन अपने सीमित ज्ञान से करते हैं, तो उस शक्ति को समझ पाना कभी भी संभव नहीं होगा। अतः श्रीकृष्ण-नामादि न भवेद् ग्राह्यमिंद्रियाः (भक्ति-रसामृत-सिन्धु १.२.१०९)। हमारे इंद्रिय यह समझ नहीं पाते कि वे किस प्रकार असीमित संख्या में बछड़ों और गायों को और इतनी असीमित जगह, जहाँ वे उन्हें रख सकते हैं, रख सकते हैं। पर इसका उत्तर बृहद्भागवतामृत में दिया गया है:

एवं प्रभोः प्रियानां च

धामनश्च समस्य च

अविचिन्त्य-प्रभावत्वाद

अत्र किञ्चिन न दुर्ग्टम

बृहद्भागवतामृत में श्री सनातन गोस्वामी कहते हैं कि चूँकि कृष्ण के बारे में सब कुछ असीमित है, इसलिए उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। इसी अर्थ में हमें इस श्लोक को समझना होगा।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)