Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.12.29: जब श्रीकृष्ण अघासुर के मुँह में प्रवेश कर गए तो बादलों के पीछे छिपे देवगण विलाप करने लगे। परंतु अघासुर के मित्र जैसे कंस और अन्य दानव अत्यधिक प्रसन्न हुए। | bhagavat अध्याय 10.12: अघासुर का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदा घनच्छदा देवा भयाद्धाहेति चुक्रुशु: ।
जहृषुर्ये च कंसाद्या: कौणपास्त्वघबान्धवा: ॥ २९ ॥
अनुवाद
जब श्रीकृष्ण अघासुर के मुँह में प्रवेश कर गए तो बादलों के पीछे छिपे देवगण विलाप करने लगे। परंतु अघासुर के मित्र जैसे कंस और अन्य दानव अत्यधिक प्रसन्न हुए।
When Krishna entered the mouth of Aghasur, the gods hiding behind the clouds started wailing. But Aghasur's friends, such as Kansa and other demons, were extremely happy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥