Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 10.12.14: कंस द्वारा भेजा गया अघासुर पूतना और बकासुर का छोटा भाई था। जब वह आया और उसने देखा कि कृष्ण सारे ग्वालबालों का नेता है, तो उसने सोचा, "इस कृष्ण ने मेरी बहन पूतना और मेरे भाई बकासुर को मार डाला है। इसलिए, उन दोनों को प्रसन्न करने के लिए, मैं इस कृष्ण को उसके सहायक ग्वालबालों सहित मार डालूंगा।"   |   bhagavat अध्याय 10.12: अघासुर का वध   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 12: अघासुर का वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  10.12.14 
द‍ृष्ट्वार्भकान् कृष्णमुखानघासुर:
कंसानुशिष्ट: स बकीबकानुज: ।
अयं तु मे सोदरनाशकृत्तयो-
र्द्वयोर्ममैनं सबलं हनिष्ये ॥ १४ ॥
 
 
अनुवाद
कंस द्वारा भेजा गया अघासुर पूतना और बकासुर का छोटा भाई था। जब वह आया और उसने देखा कि कृष्ण सारे ग्वालबालों का नेता है, तो उसने सोचा, "इस कृष्ण ने मेरी बहन पूतना और मेरे भाई बकासुर को मार डाला है। इसलिए, उन दोनों को प्रसन्न करने के लिए, मैं इस कृष्ण को उसके सहायक ग्वालबालों सहित मार डालूंगा।"
 
Aghasur, sent by Kamsa, was the younger brother of Putana and Bakasur. So when he came and saw that Krishna was the leader of all the cowherd boys, he thought, “This Krishna has killed my sister Putana and my brother Bakasur. So to satisfy both of them, I will kill this Krishna along with the other cowherd boys who are his helpers.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)