श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 11: कृष्ण की बाल-लीलाएँ  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  10.11.59 
एवं विहारै: कौमारै: कौमारं जहतुर्व्रजे ।
निलायनै: सेतुबन्धैर्मर्कटोत्‍प्लवनादिभि: ॥ ५९ ॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार कृष्ण और बलराम ने व्रजभूमि में बच्चों वाले खेलों में अपनी बाल्यावस्था व्यतीत की, जैसे कि आंख-मिचौली खेलना, समुद्र में पुल बनाने का नाटक करना और बंदरों की तरह इधर-उधर उछल-कूद करना।
 
In this way, Krishna and Balarama spent their childhood in Vrajabhoomi playing children's games like playing hide and seek, pretending to build a bridge over the sea and jumping around like monkeys.
 
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध दस के अंतर्गत ग्यारहवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)