जैसे चेतना और प्राण जब शरीर में आते हैं तब इंद्रियाँ शांत हो जाती हैं, उसी तरह जब कृष्ण इस संकट से मुक्त हुए तो बलराम समेत सभी बालकों ने अनुभव किया जैसे कि वे पुनः जी उठे हों। उन्होंने पूरी चेतना के साथ कृष्ण का आलिंगन किया और फिर अपने-अपने बछड़ों को लेकर वे व्रजभूमि लौट आए। वहाँ उन्होंने इस घटना के बारे में जोर-जोर से बखान किया।
Just as the senses become calm when consciousness and life return, so when Krishna recovered from this crisis, all the boys including Balarama felt as if they had got life again. They embraced Krishna with full consciousness and gathered their calves and returned to Vrajbhumi where they loudly narrated this incident.
तात्पर्य
व्रजभूमि में निवास करने वाले लोगों की यही प्रथा थी कि कॄष्ण द्वारा वनों में विभिन्न दैत्यों का संहार करने की दिव्य लीलाओं का वर्णन करते हुए काव्य रचनाएं करते थे। वे सभी घटनाओं को स्वयं काव्यबद्ध करते या पेशेवर कवियों से करवाते और स्वयं गाते थे। इसलिए यहां लिखा है कि बालक बड़े ऊंचे स्वर से गा रहे थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)