तदुपरांत श्रीकृष्ण ने असुर की पीछे की टाँगें और पूँछ पकड़ ली और जोर से चक्कर घुमाते रहे, जब तक कि वह असुर मर नहीं गया। इसके बाद उसे कैथा के पेड़ की चोटी पर फेंक दिया। वह वृक्ष उस असुर के विशाल शरीर के भार से नीचे गिर पड़ा।
Thereafter Shri Krishna caught hold of the demon's hind legs and tail and kept rotating his body rapidly until he died. Then he threw him to the top of a Kaithe tree. That tree fell to the ground carrying the huge body of the demon.
तात्पर्य
कृष्ण ने राक्षस को इस प्रकार मारा कि कपित्थ फल पेड़ से गिर पड़े, जिससे वो और बलराम और अन्य बालक उनको खाने का अवसर प्राप्त कर सकें। कपित्थ को कभी-कभी क्षतबेल्फल कहा जाता है। इस फल का गूदा बहुत स्वादिष्ट होता है। यह मीठा और खट्टा होता है, और सभी को यह पसंद है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥